कोटपूतली : नगरपरिषद् ने की शनि ‘वॉर’ की तैयारी, बाजार में हड़कंप

कोटपूतली : नगरपरिषद् ने की शनि ‘वॉर’ की तैयारी, बाजार में हड़कंप

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न्यूज़ चक्र। नगर परिषद् कोटपूतली द्वारा कस्बे के मास्टर प्लान व रियासत कालीन (खेतड़ी ठिकाना) के नक्शे अनुसार राजमार्ग से लेकर पूरानी नगर पालिका तिराहा एवं बानसूर रोड़ से पूतली कट तक सडक़ को चौड़ा किये जाने की कार्यवाही को लेकर गुरूवार शाम व शुक्रवार अल सुबह सम्पत्ति मालिकों को महज 24 घण्टे में निर्माण हटा लेने के नोटिस दिये जाने से उक्त मार्गो पर पडऩे वाले व्यापारियों एवं सम्पत्ति मालिकों में खलबली मच गई। उल्लेखनीय है कि मास्टर प्लान के तहत पालिका द्वारा प्रथम चरण में नगर परिषद् की एम्पावर्ड कमेटी एवं बोर्ड बैठक में लिए गये निर्णय व राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा दिये गये निर्देशों की पालना में उक्त नोटिस दिये गये है। बताया जा रहा है कि दोनों मार्गो को क्रमश: 80 व 60 फिट चौड़ा किया जायेगा। इसके लिए नगरपरिषद व प्रशासन ने तैयारी कर ली है। एडीएम जगदीश आर्य ने शनिवार सुबह ऐसी दुकानों या संरचनाओं को नगरपरिषद के द्वारा धवस्त करने की बात कही है, जो मास्टरप्लान के तहत बाधा के रूप में चिन्हित की गई है.

उल्लेखनीय है कि विगत दिसम्बर 2021 में भी उक्त कवायद के चलते आम नोटिस व व्यक्तिगत नोटिस के माध्यम से दोनों मार्गो को चौड़ा करने की कार्यवाही शुरू की गई थी। जिसके विरोध में एक ओर जहाँ धरना प्रदर्शन शुरू हो गया था। वहीं सम्पत्ति मालिकों ने उक्त कार्यवाही को विधि विरूद्ध बताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिकायें दायर की थी। जिस पर न्यायालय ने नगर परिषद् को व्यक्तिगत सुनवाई करते हुए 30 दिवस में विस्तृत एवं सकारण आदेश पारित करने व तब तक याचीगण के विरूद्ध कोई कार्यवाही ना करने के निर्देश दिये गये थे। साथ ही नगर परिषद् को मौका एवं दस्तावेजों की जाँच के लिए भी स्वतंत्र किया गया था। इसी क्रम में नगर परिषद् ने प्रभावित लोगों को दिये गये नोटिसों के मिले हुए जवाबों व दस्तावेजों के आधार पर कई पट्टे निरस्त भी किये थे। जिसके बाद अब नगर परिषद् द्वारा संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

कोटपूतली : व्यपारियों का विरोध, दिया धरना

वहीं दूसरी ओर शनिवार को प्रस्तावित नगर परिषद् की कार्यवाही के विरोध में व्यापारी एवं सम्पत्ति मालिक लामबंद होते हुए दिखाई दिये। व्यापारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोरी लाल शर्मा, भाजपा नेता मुकेश गोयल, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना की अगुवाई में बड़ी संख्या में व्यापारीगण धरने पर भी बैठ गये। साथ ही नगर परिषद् द्वारा प्रस्तावित कार्यवाही का विरोध भी करने लगे। इस सम्बंध में व्यापारियों ने रैली निकालकर उपखण्ड कार्यालय पहुँचकर तहसीलदार सूर्यकान्त शर्मा को एसडीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में बताया कि नगर परिषद् द्वारा 24 घण्टे में सामान हटाने एवं भवन संरचना हटाने के नोटिस जारी किये गये है। जबकि 8 माह पूर्व भी इसी प्रकार तुरन्त खाली करने के नोटिस दिये गये थे। इस सम्बंध में राजस्थान हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में न्यायालय ने विधिक प्रक्रिया अपनाकर अधिग्रहण करते हुए निर्माण हटाने के निर्देश दिये थे। जबकि जिन लोगों के पट्टे निरन्त किये गये है, उन लोगों में इस सम्बंध में स्थगन आदेश भी लिए हुए है। नगर परिषद् उन सभी पक्षकारों को छोडकऱ जो निर्माण तोडऩे पर आमदा है वह विधि संगत नहीं है।

निर्माण हटाने के लिए परिषद् ने की तैयारी, बुलाया जयपुर से पुलिस जाप्ता

वहीं दुसरी ओर निर्माण हटाने को लेकर नगर परिषद् द्वारा तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इसको लेकर जेसीबी के साथ- साथ पोपलैण्ड मशीन आदि भी मंगवाई गई है। साथ ही जयपुुर से एसटीएफ की एक कम्पनी को भी कोटपूतली भेजा गया है। वहीं कोटपूतली समेत चार थानों का जाप्ता भी मौके पर तैनात रहेगा। आयुक्त फतेह सिंह मीणा ने बताया कि जिन चार लोगों को उच्च न्यायालय द्वारा स्टे दिया गया है। उनके निर्माण छोडकऱ शेष सभी निर्माण पूर्व निर्धारित चौड़ाई के अनुसार हटाये जायेगें। शनिवार को प्रस्तावित कार्यवाही को लेकर एडीएम जगदीश आर्य की अध्यक्षता में एसडीएम ऋषभ मंडल, तहसीलदार सूर्यकांत शर्मा, एएसपी विधा प्रकाश, डीएसपी डॉ. संध्या यादव, एसएचओ सवाई सिंह आदि की बैठक का आयोजन भी हुआ। वहीं पालिका तिराहे पर भारी संख्या में पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा। स्थानीय प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए 50 से अधिक जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों को शांति भंग ना करने सम्बंधित नोटिस भी जारी किये गये है। एसएचओ सवाई सिंह ने भी नोटिस जारी करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस सम्बंध में कोई अफवाह या भ्रामक तथ्य सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाया गया तो उसके विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

आरोप : हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रही नगर परिषद्

उक्त कार्यवाही को लेकर व्यापारी संघर्ष समिति के किशोरी लाल शर्मा, एड. बजरंग लाल शर्मा, मैथली शरण बंसल व एड. मनोज नारायण शर्मा ने पत्रकारों को कहा कि इस सम्बंध में नगर परिषद् राजस्थान उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिकाओं में दिये गये समस्त निर्णयों व आदेशों की अवहेलना करते हुए अवैध तरीके से विधि विरूद्ध हितधारक लोगों को नुकसान पहुँचाने पर आमदा है। जबकि इस मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने मुआवजा देकर कार्यवाही करने एवं कम से कम 15 दिन का समय देने के स्पष्ट निर्देश दिये है। साथ ही शुक्रवार को दायर याचिकाओं में सोमवार को सुनवाई का समय भी निश्चित किया गया है। अगर इसके बावजुद भी कार्यवाही की जाती है तो जिम्मेदार कौन होगा। संघर्ष समिति के मनोज नारायण शर्मा ने कहा कि पीडि़त लोग व उनके परिजन मौके से नहीं हटेगें। चाहे कोई भी कार्यवाही हो, हम मरने- मारने के लिए तैयार है।

दिन भर बाजार रहे बंद, शाम तक होने लगे खाली – परिषद् की सम्भावित कार्यवाही को देखते हुए शुक्रवार को दिन भर बाजार बंद देखे गये। वहीं शाम होते- होते बड़ी संख्या में व्यापारीगण स्वयं ही दुकानों से सामान भी खाली करने लगे। अब देखना यह है कि शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग़ से कार्यवाही होती है या फिर यह दिन कोटपूतली के इतिहास में विवादित रहेगा।

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